भारत की मिठाइयों का ज़िक्र हो और उत्तर प्रदेश का नाम न आए, यह संभव ही नहीं। उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की मिठाइयाँ पूरे देश में अपने स्वाद और परंपरा के लिए जानी जाती हैं। चाहे शादी-ब्याह हो, धार्मिक पर्व हो या घर में कोई खास अवसर, यूपी की मिठाइयाँ हर जगह मिठास घोल देती हैं।
इस आर्टिकल में हम आपको बताएँगे उत्तर प्रदेश की 5 सबसे मशहूर पारंपरिक मिठाइयों (Top 5 Traditional Sweets of Uttar Pradesh in Hindi) के बारे में और साथ ही उनकी बनाने की विधि (Recipe) भी स्टेप-बाय-स्टेप बताएँगे।

1. मथुरा का पेड़ा (Mathura Peda)
मथुरा का नाम लेते ही सबसे पहले श्रीकृष्ण और यहाँ का प्रसिद्ध पेड़ा याद आता है। यह मिठाई दूध और खोये से तैयार होती है और इसका स्वाद पूरे भारत में मशहूर है।
बनाने की विधि (Step-by-step)
सामग्री:
- दूध — 1.5 लीटर
- चीनी — 200–250 ग्राम
- घी — 1–2 चम्मच
- इलायची पाउडर — ½ चम्मच
- केसर — वैकल्पिक
- मेवे सजावट के लिए
विधि:
- दूध को उबालकर धीमी आँच पर गाढ़ा करके खोया बना लें।
- ठंडा होने पर उसमें चीनी और घी डालकर 2–3 मिनट भूनें।
- अब इलायची पाउडर और केसर डालें।
- मिश्रण को थोड़ा ठंडा करके छोटे-छोटे पेड़े बनाकर मेवों से सजाएँ।
👉 मथुरा का पेड़ा त्योहार और पूजा में प्रसाद के रूप में बहुत खास माना जाता है।
2. लखठा (Laktha – Gorakhpur ki Shaan)
गोरखपुर और आस-पास के क्षेत्रों की यह मिठाई नारियल, तिल, सौंठ और इलायची के स्वाद से बनी होती है। कुरकुरी और स्वादिष्ट लखठा त्योहारों और शादियों की खास मिठाई है।
बनाने की विधि (Step-by-step)
सामग्री:
- नारियल कद्दूकस — 2 कप
- भुना तिल — ¾ कप
- सौंठ पाउडर — 1 चम्मच
- इलायची पाउडर — ½ चम्मच
- गुड़/चीनी — 1 कप
- घी — 2–3 चम्मच
- मेवे — वैकल्पिक
विधि:
- तिल और नारियल को हल्का भून लें।
- गुड़ और पानी मिलाकर चाशनी बना लें।
- इसमें नारियल, तिल, घी, इलायची और सौंठ डालकर अच्छी तरह मिलाएँ।
- मिश्रण को घी लगी थाली में डालकर सेट कर लें।
- ठंडा होने पर चौकोर टुकड़ों में काटें।
👉 गोरखपुर आएं तो इस खास मिठाई का स्वाद जरूर लें।
Try Our Special Laktha Sweet – Purani Yaadein, Nayi Mithaas!
3. बालूशाही (Balushahi)
बालूशाही उत्तर भारत की सबसे पसंदीदा मिठाइयों में से एक है। इसका बाहर कुरकुरा और अंदर से मुलायम स्वाद इसे खास बनाता है।
बनाने की विधि (Step-by-step)
सामग्री:
- मैदा — 2 कप
- घी — 100 ग्राम
- दही — 2 चम्मच
- बेकिंग सोडा — ¼ चम्मच
- चीनी — 1.5 कप
- पानी — ¾ कप
- इलायची — 3–4
विधि:
- मैदा में घी और दही मिलाकर नरम आटा गूँथ लें।
- आटे को 30 मिनट ढककर रखें।
- लोइयाँ बनाकर बीच से हल्का दबा दें।
- धीमी आँच पर घी में सुनहरा होने तक तलें।
- चाशनी (1 तार की) बनाकर तली हुई बालूशाही उसमें डुबोएँ।
👉 शादी और त्योहारों में बालूशाही का होना ज़रूरी माना जाता है।
4. इमरती (Imarti)
जलेबी जैसी दिखने वाली लेकिन स्वाद और बनावट में अलग, इमरती खासतौर पर बनारस और प्रयागराज की प्रसिद्ध मिठाई है।
बनाने की विधि (Step-by-step)
सामग्री:
- उड़द दाल — 1 कप (4–5 घंटे भिगोकर)
- चीनी — 1 कप
- पानी — ¾ कप
- घी/तेल — तलने के लिए
- इलायची — ½ चम्मच
विधि:
- भिगोई दाल को बारीक पीसकर चिकना बैटर बना लें।
- चीनी और पानी से एक तार की चाशनी बना लें।
- बैटर को पाइपिंग बैग या कपड़े में भरें।
- गरम तेल में गोल-गोल घुमाकर फूलदार आकृति बनाएँ।
- सुनहरा तलकर तुरंत चाशनी में डालें और 2–3 मिनट बाद निकाल लें।
👉 इमरती का स्वाद जलेबी से अलग और ज्यादा गाढ़ा होता है।
5. खीरमोहन (Kheer Mohan – Rasgulla ka UP Version)
खीरमोहन रसगुल्ले जैसा ही होता है लेकिन बड़ा आकार और गाढ़े स्वाद के साथ। यह मिठाई खासतौर पर त्योहारों और स्वागत समारोहों में परोसी जाती है।
बनाने की विधि (Step-by-step)
सामग्री:
- दूध — 2 लीटर
- नींबू का रस — 3–4 चम्मच
- चीनी — 1.25 कप
- पानी — 4 कप
- इलायची पाउडर — ½ चम्मच
- गुलाब जल — वैकल्पिक
विधि:
- दूध उबालकर नींबू का रस डालें और छेना बना लें।
- छेना को कपड़े में छानकर 30 मिनट लटका दें।
- चिकना होने तक छेना गूँथ लें।
- छोटे-छोटे गोले बनाकर चीनी-पानी की चाशनी में डालें।
- ढककर 10–12 मिनट उबालें।
- इलायची और गुलाब जल डालकर ठंडा करें।
👉 खीरमोहन रसगुल्ले जैसा ही है लेकिन इसमें यूपी का खास स्थानीय स्वाद मिलता है।
Top 5 Traditional Sweets of Uttar Pradesh in Hindi|क्यों खास हैं उत्तर प्रदेश की मिठाइयाँ?
- दूध, घी, खोया, तिल और नारियल जैसी पारंपरिक सामग्री से बनती हैं।
- हर जिले की अपनी अलग मिठाई की पहचान है।
- धार्मिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों से जुड़ी होती हैं।
Top 5 Traditional Sweets of Uttar Pradesh in Hindi| (FAQ)
Q1. उत्तर प्रदेश की सबसे प्रसिद्ध मिठाई कौन-सी है?
👉 मथुरा का पेड़ा और बनारस की इमरती सबसे मशहूर हैं।
Q2. लखठा मिठाई कहाँ की है?
👉 गोरखपुर और आसपास के जिलों की खासियत है।
Q3. क्या यूपी की मिठाइयाँ ऑनलाइन मिल सकती हैं?
👉 हाँ, अब कई ऑनलाइन स्टोर्स और ब्रांड इन्हें बेचते हैं।
Q4. कौन-सी मिठाई लंबे समय तक टिकती है?
👉 पेड़ा और बालूशाही 7–10 दिन तक सुरक्षित रहती हैं।
निष्कर्ष
Top 5 Traditional Sweets of Uttar Pradesh in Hindi:उत्तर प्रदेश की मिठाइयाँ सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि संस्कृति और परंपरा का हिस्सा हैं। मथुरा का पेड़ा, गोरखपुर का लखठा, बालूशाही, इमरती और खीरमोहन — ये पाँचों मिठाइयाँ हर त्योहार और खुशी को और मीठा बना देती हैं।
👉 अगर आप भारत की असली मिठास का अनुभव लेना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश की इन पारंपरिक मिठाइयों को ज़रूर चखें।






