अगर आपने कभी आंध्र प्रदेश का नाम सुना है, तो यकीन मानिए, वहाँ की सबसे मशहूर मिठाई “Kakinada Khaja” ज़रूर सुनी होगी। आज हम इसी लज़ीज़, सुनहरी और शक्कर में डूबी मिठाई की कहानी और Kakinada Khaja Recipe in Hindi आपको सिखाने जा रहे हैं — बिलकुल घर के आसान स्टेप्स में।
🏙️ Kakinada Khaja Recipe in Hindi|Kakinada Khaja का इतिहास
Kakinada Khaja Recipe in Hindi:काकीनाडा खाजा (Kakinada Khaja) सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि एक 130 साल पुरानी विरासत है।
इसका जन्म हुआ आंध्र प्रदेश के शहर काकीनाडा में। इसे सबसे पहले चिट्टीपेड्डी कोटैया नाम के व्यक्ति ने 1891 में बनाया था। तब से लेकर आज तक उनके परिवार की पीढ़ियाँ इस स्वाद को आगे बढ़ा रही हैं।
इस मिठाई को वहाँ “काकीनाडा कोटैया खाजा” (Kakinada Kotaiah Khaja) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी खासियत है — बाहर से कुरकुरी, अंदर से हल्की, और मीठे सिरप में डूबी परतें।
आंध्र प्रदेश में यह मिठाई दीवाली, दशहरा, शादी या किसी भी शुभ मौके पर ज़रूर बनाई जाती है।
🧂Kakinada Khaja Recipe in Hindi| चलिए जानते हैं – काकीनाडा खाजा बनाने की सामग्री
(यह रेसिपी लगभग 4 लोगों के लिए पर्याप्त है)
| सामग्री | मात्रा |
|---|---|
| मैदा या गेहूं का आटा | 2 कप |
| बेसन | 2 टेबलस्पून |
| घी | 3–4 टेबलस्पून |
| बेकिंग सोडा | 1 चुटकी |
| इलायची पाउडर | 1 टीस्पून |
| शक्कर | 3 कप |
| पानी | आवश्यकता अनुसार |
| तेल | तलने के लिए |
👩🍳Kakinada Khaja Recipe in Hindi – Step-by-Step Process

🥣 स्टेप 1: आटा तैयार करें
एक बड़े मिक्सिंग बाउल में मैदा, बेसन और बेकिंग सोडा डालें।
अब इसमें घी मिलाकर अच्छे से हाथों से मसलें ताकि यह हल्का crumbly हो जाए।
फिर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए इसे चपाती जैसा सॉफ्ट और लचीला आटा गूंथ लें।
अब इस आटे को एक गीले कपड़े से ढककर 1 घंटे के लिए रख दें ताकि यह फूल जाए।
🍯 स्टेप 2: चाशनी तैयार करें
अब एक पैन या कड़ाही में 3 कप शक्कर और 1½ कप पानी डालें।
इसे गैस पर रखें और उबाल आने दें।
जब यह थोड़ा गाढ़ा होने लगे, तब इसमें इलायची पाउडर डालें और 5–6 मिनट धीमी आंच पर पकाएँ।
चाशनी की एक तार वाली consistency आ जाए, तो गैस बंद कर दें।
👉 टिप: चाशनी बहुत पतली नहीं होनी चाहिए, नहीं तो खाजा कुरकुरी नहीं बनेगी।
🍥 स्टेप 3: खाजा के टुकड़े बनाएं
अब आटे को दो भागों में बाँट लें।
पहले हिस्से को बेलकर एक लंबा रोल (लॉग) बना लें और फिर उसे उंगली के आकार के छोटे टुकड़ों में काट लें।
इसी तरह दूसरा हिस्सा भी काट लें।
🔥 स्टेप 4: खाजा को फ्राई करें
एक गहरी कढ़ाही में तेल गरम करें।
तेल के गरम होने की जांच के लिए एक छोटा टुकड़ा डालें — अगर वह ऊपर आ जाए तो तेल तैयार है।
अब धीरे-धीरे खाजा के टुकड़े डालें और मध्यम आंच पर सुनहरा भूरा होने तक तलें।
उन्हें ज़्यादा भीड़ में न तलें, वरना वे चिपक जाएंगे।
तलने के बाद उन्हें टिशू पेपर पर निकालें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए।
🍯 स्टेप 5: शक्कर की चाशनी में डुबोएं
जब सारे खाजे तल जाएँ, तो उन्हें हल्की गरम चाशनी में डालें।
इन्हें 10–12 मिनट तक भिगोने दें ताकि मिठास अंदर तक पहुँच जाए।
अब इन्हें चाशनी से निकालकर एक प्लेट में ठंडा होने दें।
👉 अब आपकी काकीनाडा खाजा मिठाई तैयार है!
🧁 परोसने का तरीका
आप इसे शाम की चाय के साथ स्नैक के रूप में या त्योहारों पर मिठाई की थाली में रख सकते हैं।
अगर आप इसे एयरटाइट डिब्बे में रखें, तो यह 1 हफ्ते तक ताज़ा रहती है।
🎉 Kakinada Khaja Recipe in Hindi| त्योहारों में क्यों खास है Kakinada Khaja
आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे खासकर दीवाली, विवाह समारोह, गृह प्रवेश और जन्मदिन जैसे अवसरों पर बनाया जाता है।
इसकी मिठास में घर की पारंपरिक खुशबू होती है, और इसे बनाना भी बहुत आसान है।
🧠Kakinada Khaja Recipe in Hindi| काकीनाडा खाजा के कुछ दिलचस्प तथ्य (Interesting Facts)
- काकीनाडा के पास एक जगह है तपेश्वरम, जहाँ की मदथा खाजा भी बहुत प्रसिद्ध है।
- इसकी बेलनाकार आकृति को तेलुगू में “गोट्टम” कहा जाता है, इसलिए इसे गोट्टम खाजा भी कहते हैं।
- बिहार और उत्तर प्रदेश में भी एक मिठाई “फूल खाजा” नाम से बनाई जाती है, जो आकार में थोड़ी अलग होती है।
- काकीनाडा खाजा और पूथरेकलु दो ऐसी मिठाइयाँ हैं, जिनके लिए आंध्र प्रदेश सरकार ने GI टैग (Geographical Indication) के लिए आवेदन किया है।
- यह मिठाई अब सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों के बीच भी बहुत लोकप्रिय है।
💪Kakinada Khaja Recipe in Hindi| पोषण मूल्य (Nutritional Value per 100g)
| तत्व | मात्रा |
|---|---|
| ऊर्जा | 130 कैलोरी |
| प्रोटीन | 5g |
| कार्बोहाइड्रेट | 100g |
| फाइबर | 2g |
| फैट | 79.6g |
| कोलेस्ट्रॉल | 16mg |
| कैल्शियम | 11mg |
| आयरन | 2mg |
| पोटैशियम | 66mg |
| सोडियम | 32mg |
🌿 हेल्थ बेनिफिट्स (Health Benefits)
- गेहूं का आटा फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन सुधारता है।
- बेसन में प्रोटीन और फाइबर होता है, जो वज़न नियंत्रण और ब्लड शुगर के लिए फायदेमंद है।
- घी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
- इलायची पाउडर मुँह की दुर्गंध दूर करने और पाचन को सुधारने में मदद करता है।
- सीमित मात्रा में खाजा खाने से ऊर्जा मिलती है, खासकर त्योहारों में जब शरीर को ज्यादा एक्टिव रहना होता है।
⚠️ कब और कितनी मात्रा में खाएं
- कितना: दिन में 2–3 छोटे खाजे पर्याप्त हैं।
- कब: इसे शाम के नाश्ते या भोजन के बाद मिठाई के रूप में खा सकते हैं।
- किन्हें नहीं खाना चाहिए:
- डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में या डॉक्टर की सलाह से ही खाना चाहिए।
- जिनका वजन कंट्रोल में है, वे इसे occasionally ही खाएं।
🏡 घर पर बनाने के कुछ टिप्स
✅ चाशनी को सही गाढ़ापन दें — ना बहुत पतली, ना बहुत गाढ़ी।
✅ आटे को अच्छे से गूंथने से खाजा की परतें और भी कुरकुरी बनती हैं।
✅ तलते वक्त गैस की आंच मध्यम रखें, ताकि खाजा अंदर से भी पक जाए।
✅ इलायची या केसर डालने से स्वाद दोगुना बढ़ जाता है।
⭐Kakinada Khaja Recipe in Hindi| निष्कर्ष (Conclusion)
Kakinada Khaja Recipe in Hindi: काकीनाडा खाजा सिर्फ एक मिठाई नहीं, बल्कि आंध्र प्रदेश की परंपरा और स्वाद का प्रतीक है।
अगर आप भी घर पर कोई नई लेकिन पारंपरिक मिठाई बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए बिल्कुल परफेक्ट है।
एक बार बनाकर देखिए — इसकी खुशबू और स्वाद पूरे घर को मीठा बना देंगे! 🍬
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